‘स्क्रिप्ट नहीं होती थी, फिर भी सुपरहिट हो जाती थीं फिल्में’, करिश्मा कपूर ने खोला 90 के दशक की फिल्मों का राज

करिश्मा कपूर ने कहा कि उस समय फिल्म निर्माण का तरीका आज से काफी अलग था। कई बार कलाकारों को पूरी कहानी या विस्तृत स्क्रिप्ट नहीं दी जाती थी।

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 08:36 PM IST

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर (Karishma Kapoor) ने 90 के दशक की फिल्मों को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उस दौर में कई सुपरहिट फिल्में बिना पूरी स्क्रिप्ट (Script) के बनाई जाती थीं, लेकिन फिर भी बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर जबरदस्त सफलता हासिल करती थीं। करिश्मा ने खास तौर पर निर्देशक डेविड धवन और अभिनेता गोविंदा के साथ अपने काम करने के अनुभव को याद किया।

करिश्मा कपूर ने कहा कि उस समय फिल्म निर्माण का तरीका आज से काफी अलग था। कई बार कलाकारों को पूरी कहानी या विस्तृत स्क्रिप्ट नहीं दी जाती थी। शूटिंग के दौरान ही दृश्य तैयार होते थे और कलाकार उसी के अनुसार अभिनय करते थे। इसके बावजूद फिल्में दर्शकों को खूब पसंद आती थीं और बड़ी हिट साबित होती थीं।

उन्होंने बताया कि डेविड धवन की फिल्मों में माहौल बेहद सहज और रचनात्मक होता था। कई बार निर्देशक सिर्फ सीन समझाते थे और कलाकारों को अपने अंदाज में प्रदर्शन करने की आजादी मिलती थी। करिश्मा के मुताबिक डेविड धवन अक्सर कहते थे कि ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, बस मनोरंजन पर ध्यान दो और सीन को मजेदार बनाओ।

करिश्मा ने गोविंदा के साथ अपनी सफल जोड़ी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गोविंदा के साथ काम करना हमेशा चुनौतीपूर्ण और मजेदार होता था क्योंकि उनकी कॉमिक टाइमिंग और डांसिंग स्किल्स बेहतरीन थीं। दोनों ने मिलकर कई ऐसी फिल्में दीं जो आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।

90 के दशक में डेविड धवन, गोविंदा और करिश्मा कपूर की तिकड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार कॉमेडी और पारिवारिक फिल्में दीं। इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया बल्कि टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी आज तक दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं।

करिश्मा कपूर का मानना है कि उस दौर की फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी, मनोरंजन और कलाकारों के बीच शानदार तालमेल था। यही वजह है कि बिना विस्तृत स्क्रिप्ट के बनी कई फिल्में भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने में सफल रहीं।