नक्सल प्रभावित जिंदगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर, बीजापुर में मासा तामो और जयमोती बने बदलते बस्तर की मिसाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और संघर्षों से प्रभावित रही मासा तामो और जयमोती की जिंदगी आज मेहनत, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन की नई पहचान बन चुकी है।

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 08:22 PM IST

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने सुशासन तिहार के दौरान बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली में मासा तामो और जयमोती से उनकी किराना दुकान में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके जीवन संघर्ष, आजीविका और आत्मनिर्भरता की यात्रा के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और संघर्षों से प्रभावित रही मासा तामो और जयमोती की जिंदगी आज मेहनत, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन की नई पहचान बन चुकी है। दोनों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मेहनत के बल पर किराना व्यवसाय (Grocery Business) शुरू किया और अब अपने परिवार के लिए स्थायी आजीविका (Livelihood) का मजबूत आधार तैयार किया है।

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी दुकान का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शांति के माहौल ने बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते बस्तर की असली तस्वीर ऐसे ही लोगों की सफलता की कहानियों में दिखाई देती है। जो क्षेत्र कभी नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहता था, वहीं आज स्वरोजगार (Self Employment), विकास और आत्मनिर्भरता की नई मिसालें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है, ताकि हर परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

मासा तामो और जयमोती की कहानी आज बस्तर में सकारात्मक बदलाव, शांति और विकास की नई पहचान बनकर उभर रही है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर और सहयोग मिलने पर कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी आत्मनिर्भर भविष्य बनाया जा सकता है।