नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को चेक बाउंस (Cheque Bounce) मामलों में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार को उनके खिलाफ दर्ज सात चेक बाउंस (Cheque Bounce) मामलों में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए उनकी दोषसिद्धि को सही माना। अदालत ने उनके आचरण को देखते हुए परिवीक्षा (Probation) का लाभ देने से भी इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकल पीठ ने राजपाल यादव की पुनरीक्षण याचिकाओं को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत सुनाई गई सजा को बरकरार रखा।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अदालत में पहले से जमा 2.25 करोड़ रुपये, जो शिकायतकर्ता को जारी किए जा चुके हैं, उन्हें राजपाल यादव पर देय कुल राशि की गणना में समायोजित किया जाएगा।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राजपाल यादव को सातों चेक बाउंस मामलों में तीन-तीन महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी। हालांकि, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए उन्हें कुल तीन महीने की ही सजा काटनी होगी।
इसके अलावा, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना भी अदा करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माने का भुगतान नहीं किया गया तो राजपाल यादव को अतिरिक्त छह महीने की कैद भुगतनी होगी।
हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को फैसले का पालन करने या सक्षम अदालत में उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाने के लिए दो महीने का समय दिया है।