ChatGPT की मदद से बनाया महाकाल मंदिर का फर्जी VIP पास, तीन युवक पहुंचे अंदर; गर्भगृह एंट्री ने खोली पोल

पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मुख्य आरोपी की पहचान भोपाल के कोलार रोड निवासी 19 वर्षीय भरत उइके के रूप में हुई, जबकि उसके साथ मौजूद दोनों साथी नाबालिग हैं।

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 03:18 PM IST

उज्जैन। मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के एक युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) आधारित टूल चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से महाकाल मंदिर का हूबहू दिखने वाला फर्जी वीआईपी पास (Fake VIP Pass) तैयार किया और अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश कर लिया। हालांकि गर्भगृह में प्रवेश की कोशिश के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया।

महाकाल थाना पुलिस के अनुसार, मंगलवार को तीन युवक वीआईपी पास दिखाकर मंदिर पहुंचे। शुरुआती जांच में पास असली जैसा दिखाई दिया, लेकिन उस पर “गर्भगृह दर्शन” लिखा होने से सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। सुरक्षा कारणों से पिछले करीब ढाई वर्षों से श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह बंद है। इसके बाद बारकोड और अन्य सुरक्षा फीचर्स की जांच की गई, जिसमें पास फर्जी निकला।

पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मुख्य आरोपी की पहचान भोपाल के कोलार रोड निवासी 19 वर्षीय भरत उइके के रूप में हुई, जबकि उसके साथ मौजूद दोनों साथी नाबालिग हैं।

महाकाल थाना प्रभारी बादल के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मंगलवार दोपहर चैटजीपीटी की मदद से असली जैसा दिखने वाला वीआईपी पास तैयार किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। वहीं, दोनों नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों को सामान्य श्रद्धालुओं की तरह बाबा महाकाल के दर्शन भी कराए गए। मामले के सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।