भोपाल (मध्य प्रदेश): महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) को लेकर देश की राजनीति (politics) गरमा गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर कांग्रेस का रुख साफ नहीं है और जनता सब देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के रवैये के कारण यह अहम बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिकार देने के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए थी और सभी दलों को एकजुट होकर इस बिल का समर्थन करना चाहिए था। सीएम ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर विपक्ष की भूमिका निराशाजनक रही है।
दरअसल, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह बिल जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया और पारित नहीं हो सका।
इस मुद्दे को लेकर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ सत्तारूढ़ दल इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसके कुछ प्रावधानों और परिसीमन से जुड़े पहलुओं को लेकर सवाल उठा रहा है।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण बिल पर जारी विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले समय में इस पर और बहस तेज होने की संभावना है।