मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: अंबेडकर जयंती अभियान से किसानों को राहत तक, विकास का पूरा रोडमैप

By : hashtagu, Last Updated : April 7, 2026 | 7:37 pm

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट (Cabinet) बैठक में जनहित (Public Welfare) से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने किसानों, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) विकास को ध्यान में रखते हुए व्यापक रोडमैप पेश किया है।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री Chaitanya Kumar Kashyap ने दी। उन्होंने बताया कि डॉ B. R. Ambedkar की जयंती को इस बार 8 से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में अभियान के रूप में मनाया जाएगा। हर जिले में प्रभारी मंत्री तैनात किए जाएंगे और शाम 6 बजे तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भिंड जिले में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को लोगों तक पहुंचाना है।

कैबिनेट ने Ravidas जयंती को भी एक दिन तक सीमित न रखते हुए 31 मार्च 2027 तक “सामाजिक समरसता वर्ष” के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इस दौरान प्रदेशभर में सामाजिक एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

किसानों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं खरीदी की तारीख एक दिन पहले करने का निर्णय लिया है। अब खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि पहले यह 10 अप्रैल से तय थी। सरकार ने साफ किया है कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी और पहले उनका पंजीकृत गेहूं खरीदा जाएगा।

इस साल गेहूं खरीदी के लिए 78 लाख मीट्रिक टन की सीमा तय की गई है, जिसे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल से करीब 3.5 लाख ज्यादा है। इसे सरकार ने किसानों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया है।

राज्य में इस बार 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी, जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी शामिल है। सरकार ने बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था करने का दावा किया है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

इसके अलावा कैबिनेट ने चना, मसूर और सरसों की खरीदी, नई सड़क परियोजनाओं की मंजूरी, उज्जैन को वैश्विक कालगणना केंद्र के रूप में विकसित करने और भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी दी है।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास को नई गति मिलेगी और किसानों से लेकर आम नागरिक तक को सीधा लाभ पहुंचेगा।