छिंदवाड़ा बस हादसा: कांच पर नंगे पैर चलकर जवानों ने बचाई 40 जिंदगियां, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
By : dineshakula, Last Updated : March 29, 2026 | 12:01 pm
By : dineshakula, Last Updated : March 29, 2026 | 12:01 pm
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): छिंदवाड़ा बस हादसे में घायलों की जान बचाने के लिए पुलिस जवानों ने अद्भुत साहस दिखाया। कांच (glass) के टुकड़ों पर नंगे पैर (barefoot) चलकर रेस्क्यू (rescue) करने वाले 113 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार शाम एक बस, जो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही थी, उसकी टक्कर एक पिकअप वाहन से हो गई। इस भीषण हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन से चार की हालत गंभीर बताई गई है।
घटना के तुरंत बाद बस के पीछे चल रही पुलिस प्रशिक्षण स्कूल रीवा की टीम मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई जवान नंगे पैर ही घटनास्थल तक पहुंचे और कांच के टुकड़ों पर चलते हुए घायलों को बाहर निकाला।
जवानों ने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को सूचना दी और पलटी हुई बस को करीब तीन फुट तक उठाकर उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद डायल-112 और स्थानीय पुलिस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, जवानों के साहस और समर्पण के कारण करीब 40 लोगों की जान बचाई जा सकी। इस बहादुरी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पांच अधिकारियों, पीटीएस रीवा के 100 से अधिक आरक्षकों और छिंदवाड़ा जिला पुलिस के कर्मियों सहित कुल 113 पुलिसकर्मियों को दो हजार से पांच हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया था। इसके अगले दिन ‘संबल’ योजना के तहत मृतकों के परिवारों को अतिरिक्त चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की गई, जिससे कुल मुआवजा बढ़कर आठ-आठ लाख रुपये हो गया।