राहुल गांधी ने जताया खेद, शिवराज सिंह चौहान के बेटे के मानहानि केस में बड़ा मोड़
By : hashtagu, Last Updated : June 25, 2026 | 1:55 pm
जबलपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि (Defamation) मामले में अपने बयान पर खेद (Regret) व्यक्त किया है। इस संबंध में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक आवेदन दाखिल किया है, जिसमें कहा गया है कि उनका विवादित बयान शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान के बारे में नहीं था। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष हो रही है।
यह मामला वर्ष 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा से जुड़ा है। कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में पनामा पेपर्स (Panama Papers) लीक मामले का जिक्र करते हुए उनका नाम लिया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसके बाद कार्तिकेय ने भोपाल की सांसद-विधायक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
राहुल गांधी की ओर से अदालत में दाखिल आवेदन में कहा गया है कि संबंधित बयान वास्तव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके बेटे के संदर्भ में था। उन्होंने यह भी कहा कि गलती का अहसास होने के बाद अगले ही दिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट कर दी थी। कांग्रेस नेता ने अदालत से यह भी कहा कि उनका उद्देश्य कार्तिकेय सिंह चौहान के खिलाफ कोई टिप्पणी करना नहीं था।
कार्तिकेय सिंह चौहान ने अपनी शिकायत में कहा था कि राहुल गांधी के बयान से उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई। इसी आधार पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। मामले में भोपाल की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने दिसंबर 2024 में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने समन और पूरी कार्यवाही को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने बयान को लेकर खेद जताया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इसे एक गलती भी बताया है और अदालत के समक्ष विवाद समाप्त करने की इच्छा जाहिर की है। अब हाईकोर्ट इस मामले में प्रतिवादी पक्ष का जवाब सुनने के बाद आगे का फैसला करेगा।
गौरतलब है कि 2018 में राहुल गांधी द्वारा पनामा पेपर्स मामले में कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिए जाने के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। उस समय भी राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा था कि नाम लेने में उनसे भ्रम (Confusion) हुआ था। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया और अब करीब आठ साल बाद इस केस में नया मोड़ आया है।




