पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, केंद्र सरकार की बड़ी सफाई से छिड़ी नई बहस

By : hashtagu, Last Updated : June 25, 2026 | 1:46 pm

नई दिल्ली। भारतीय पासपोर्ट (Passport) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट नागरिकता (Citizenship) का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA – Ministry of External Affairs) ने कहा कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है, जिसका उद्देश्य विदेश यात्रा को सुगम बनाना और विदेशों में व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है। इसे नागरिकता के अंतिम प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर यह सवाल उठ रहा था कि क्या भारतीय पासपोर्ट अपने आप में नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाती है, लेकिन पासपोर्ट का मूल उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देना है, न कि नागरिकता का कानूनी निर्धारण करना।

सरकार ने यह भी कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है। केंद्र के अनुसार भारतीय पासपोर्ट को कभी भी नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में नहीं माना गया। सरकार ने इस संबंध में नागरिकता कानून और पूर्व न्यायिक टिप्पणियों का भी हवाला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह रुख वर्षों से लागू है और हाल में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक के पास हो। नागरिकता प्रमाणपत्र, जन्म से संबंधित रिकॉर्ड, वंश और नागरिकता कानूनों के तहत जारी दस्तावेज विभिन्न परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज पहचान और अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इन्हें हमेशा नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जाता।

विदेश मंत्रालय की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कई नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है और नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है।

सरकार ने साथ ही यह भी बताया कि देश में पासपोर्ट सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। ई-पासपोर्ट और नई तकनीकों के जरिए सुरक्षा बढ़ाने तथा धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम करने पर भी काम किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने दोहराया कि तकनीकी रूप से उन्नत पासपोर्ट भी अपनी मूल प्रकृति में एक यात्रा दस्तावेज ही रहेगा।