एलायंस यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया AU-QUASAR, क्वांटम AI और डीप-टेक रिसर्च को मिलेगा नया बढ़ावा

क्वांटम एआई ग्लोबल की मुख्य परिचालन अधिकारी गोपिका चगंती ने अपने संबोधन में कहा कि क्वांटम तकनीकें भविष्य की रणनीतिक संपत्ति बन रही हैं।

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 09:41 PM IST

बेंगलुरु (कर्नाटक): एलायंस यूनिवर्सिटी ने अपने सेंट्रल कैंपस में “डिमिस्टिफाइंग क्वांटम: क्वांटम टेक्नोलॉजी, एआई और डीप-टेक पर एक कार्यकारी संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय ने AU-QUASAR (Alliance University – Quantum AI School for Advanced Research) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल क्वांटम प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) और डीप-टेक (Deep-Tech) क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान, उद्योग सहयोग और नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

कार्यक्रम में विज्ञान, शिक्षा, उद्योग, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, उद्यमिता और सार्वजनिक नीति से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य विषय उभरती तकनीकों का भविष्य और भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर उनका प्रभाव रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्म भूषण डॉ. वी. के. सारस्वत, पूर्व सदस्य नीति आयोग तथा एलायंस यूनिवर्सिटी के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के अध्यक्ष एवं प्रिंसिपल एडवाइजर रहे। उन्होंने AU-QUASAR की स्थापना को भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. सारस्वत ने कहा कि भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि नवाचार का निर्माता बनना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन की महत्ता पर जोर देते हुए अनुसंधान, अवसंरचना, प्रतिभा विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, साइबर सुरक्षा और अन्य उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में नेतृत्व के लिए तैयार करें।

क्वांटम एआई ग्लोबल की मुख्य परिचालन अधिकारी गोपिका चगंती ने अपने संबोधन में कहा कि क्वांटम तकनीकें भविष्य की रणनीतिक संपत्ति बन रही हैं। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

एलायंस यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर अभय जी. चेब्बी ने कहा कि AU-QUASAR एक ऐसा मंच होगा जहां शिक्षाविद, उद्योग जगत, नीति निर्माता, शोधकर्ता और छात्र मिलकर वास्तविक चुनौतियों के समाधान खोजेंगे। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के तकनीकी केंद्र में स्थित यह पहल क्वांटम तकनीक और एआई आधारित अनुसंधान को नई दिशा देगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी. प्रिस्टली शान ने तकनीकी विकास की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कंप्यूटर से लेकर एआई और अब क्वांटम तकनीकों तक की प्रगति ने दुनिया को बदल दिया है। उन्होंने छात्रों से नवाचार को अपनाने और भविष्य की तकनीकों में नेतृत्व करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान रैवता बायोनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक आदित्य लोचारला ने छात्रों को क्वांटम कंप्यूटिंग की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया। उन्होंने यंग्स डबल-स्लिट प्रयोग, क्यूबिट्स, सुपरपोजिशन, एंटैंगलमेंट, क्वांटम गेट्स और क्वांटम एल्गोरिद्म जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

इसके बाद आयोजित फायरसाइड चैट में ईज़ीएक्ट कंसल्टिंग के सीईओ डॉ. दिनेश कुमार मुरुगेसन और क्वांटम टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अंजनी प्रियदर्शिनी ने क्वांटम कंप्यूटिंग के अनुप्रयोगों और करियर अवसरों पर चर्चा की। डॉ. अंजनी ने इंफोसिस में सॉफ्टवेयर करियर से क्वांटम टेक्नोलॉजी क्षेत्र तक की अपनी यात्रा साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया।

कॉर्पोरेट पैनल चर्चा में EY, Bottomline, AUMOVIO, Dell Technologies और The Takshashila Institution के विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान बताया गया कि क्वांटम तकनीक, एआई, साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस किस तरह विभिन्न उद्योगों को तेजी से बदल रहे हैं। पैनलिस्टों ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बहु-विषयक कौशल विकसित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के छात्र सत्र का समापन प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस मनीष झंवर के प्रेरक संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने तकनीक आधारित दुनिया में प्रभावी संवाद और अभिव्यक्ति की कला के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में नेतृत्व संबोधन, प्रश्नोत्तर सत्र, छात्र परामर्श और नेटवर्किंग गतिविधियां भी आयोजित की गईं। समापन पर रजिस्ट्रार जनरल सुरेखा शेट्टी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

“भविष्य का निर्माण करने वाली बातचीत का हिस्सा बनें” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम के जरिए एलायंस यूनिवर्सिटी ने उन्नत अनुसंधान, नवाचार और भविष्य-केंद्रित शिक्षा को नई दिशा देने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया। AU-QUASAR का शुभारंभ भारत में क्वांटम तकनीक, एआई और डीप-टेक अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।