ईंधन बचाने के लिए पीएम मोदी ने घटाया काफिला, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर भी जोर

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी को निर्देश दिया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना काफिले में कम से कम वाहन रखे जाएं।

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 08:46 PM IST

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बढ़ती वैश्विक ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) और ईंधन बचत (Fuel Conservation) को लेकर बड़ा संदेश देते हुए अपने आधिकारिक काफिले (Convoy) का आकार काफी कम कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles-EV) के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने हाल के गुजरात और असम दौरों के दौरान अपने काफिले में वाहनों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक घटा दी।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी को निर्देश दिया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना काफिले में कम से कम वाहन रखे जाएं। साथ ही जहां संभव हो वहां इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए, लेकिन इसके लिए नए वाहन खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने को कहा था। इसके अलावा गैर जरूरी विदेशी यात्राएं टालने, सोने की खरीद कम करने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की भी सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री के इस कदम के बाद कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी अपने काफिले छोटे करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी न्यूनतम वाहनों के साथ यात्रा करने की बात कही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इसी तरह के कदम उठाने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र सरकार ने भी मंत्रियों के सरकारी विमान उपयोग पर सख्ती करते हुए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राज्य के भीतर ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने का फैसला लिया है। वहीं गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है।

दरअसल पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध के चलते वैश्विक तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सख्ती से कदम उठा रही है।