पीएम मोदी की बड़ी चेतावनी: दुनिया फिर गरीबी की ओर बढ़ सकती है, कोरोना-युद्ध और ऊर्जा संकट बने सबसे बड़ा खतरा

नीदरलैंड्स में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने लगातार बड़े संकटों का सामना किया है।

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 08:32 PM IST

नई दिल्ली/नीदरलैंड्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दुनिया के सामने बढ़ते वैश्विक संकट (Global Crisis) को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी (Covid Pandemic), लगातार युद्ध (War) और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) जैसी घटनाओं ने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है और अगर हालात नहीं सुधरे तो दुनिया फिर से भारी गरीबी (Poverty) की ओर लौट सकती है।

नीदरलैंड्स में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने लगातार बड़े संकटों का सामना किया है। उन्होंने कहा, “पहले कोरोना आया, फिर युद्ध शुरू हुए और अब ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। यह पूरा दशक आपदाओं का दशक बनता जा रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि इन संकटों का असर केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की जिंदगी और भविष्य पर भी पड़ रहा है। ()

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया ने पिछले कई दशकों में गरीबी कम करने और विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की थीं, लेकिन मौजूदा हालात उन उपलब्धियों को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युद्ध और अस्थिरता जारी रही तो दुनिया फिर से बड़े आर्थिक संकट में फंस सकती है। ()

पीएम मोदी ने वैश्विक सप्लाई चेन (Supply Chain) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी और युद्धों ने दुनिया को यह सिखाया है कि किसी एक क्षेत्र या देश पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने देशों से भरोसेमंद और मजबूत आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने की अपील की। ()

उन्होंने कहा कि भारत लगातार आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में काम कर रहा है। सरकार पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर फोकस कर रही है। हाल के दिनों में भी पीएम मोदी लोगों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील कर चुके हैं। ()

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया को मौजूदा संकटों से मिलकर निपटना होगा। उन्होंने वैश्विक सहयोग, शांति और स्थिरता को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। पीएम मोदी के इस बयान को ऐसे समय में काफी अहम माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है।