नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल (Crude Oil) और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का भंडार मौजूद है, जबकि एलपीजी (LPG) का 45 दिनों का रोलिंग स्टॉक उपलब्ध है।
राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (IGoM) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और बंदरगाह एवं जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि भारत में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं है और सरकार सप्लाई चेन (Supply Chain) को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सरकार ने समुद्री सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है ताकि वैश्विक अस्थिरता का असर देश पर कम पड़े।
रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। पीएम मोदी ने हाल ही में ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने की अपील की थी ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।
सरकार ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) फिलहाल 703 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनर (Oil Refiner) और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। भारत 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात करता है और घरेलू मांग को पूरी तरह पूरा कर रहा है।
हालांकि सरकार ने माना कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिसका आर्थिक बोझ देश को उठाना पड़ रहा है।