दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने 1 फरवरी को 2026 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर टैक्स में बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड ऑन सोर्स (TCS) को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए पैसे भेजने वाले पेरेंट्स को अब बड़ी बचत होगी। यह टैक्स 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम भेजने पर लगता था।
TCS में कमी से कितनी होगी बचत?
TCS पहले 10 लाख रुपये से ज्यादा की फीस पर 5 प्रतिशत लगता था, अब इसे घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, अगर 20 लाख रुपये भेजे जाते थे, तो पहले 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ता था, लेकिन अब यह घटकर केवल 40 हजार रुपये हो जाएगा, जिससे 60 हजार रुपये की बचत होगी। इस राहत का लाभ उठाने के लिए पैन (PAN) नंबर जरूरी होगा, क्योंकि बिना पैन के टैक्स की रकम दोगुनी हो सकती है। इसके बाद, विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसे भेजना अब आसान और किफायती होगा।
वित्त मंत्री ने कहा, “मैं उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं।”
विदेश यात्रा पर भी राहत
विदेश में घूमने के शौकीनों को भी इस बजट में राहत मिली है। विदेश यात्रा पर होने वाले खर्चों पर भी TCS कम कर दिया गया है, जिससे ट्रैवल पैकेज बुक करने वालों को किफायती यात्रा का मौका मिलेगा। पहले ऐसे पैकेज बुक करने पर भी TCS चुकाना पड़ता था।
वित्तीय स्थिति पर जानकारी
वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2026-27 में ऋण-से-जीडीपी औसत 55.6% रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 56.1% था। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहेगा, जबकि पिछले वर्ष यह 4.4% था। इसके अलावा, 2026-27 में 36.5 लाख करोड़ रुपये की गैर-ऋण प्राप्तियों का अनुमान है।
छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसरों के लिए भी राहत
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि छोटे व्यापारियों, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और फ्रीलांसर्स के लिए टैक्स नियम सरल होंगे, जिससे उन्हें अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।