गणतंत्र दिवस पर 45 ‘अनसुने नायक’ को पद्म श्री पुरस्कार

इन पुरस्कारों में अन्य कई अद्भुत व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और समाज सेवा (social service) के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है।

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 05:03 PM IST

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस (Republic Day) के अवसर पर भारत के 45 ऐसे ‘अनसुने नायक’ (unsung heroes) को पद्म श्री (Padma Shri) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें एक पूर्व बस कंडक्टर, एक बाल रोग विशेषज्ञ (paediatrician), और 90 वर्षीय दुर्लभ संगीत वादक  शामिल हैं, जिन्होंने समाज में अपार योगदान दिया है।

कर्नाटक के मैसूरु (Mysuru) के हरलाहल्ली (Haralahalli) गाँव के अंके गौड़ा (Anke Gowda), जो कभी बस कंडक्टर थे, ने दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त पुस्तकालय (world’s largest free-access library) ‘पुस्तक मने (Pustak Mane)’ की स्थापना की है। इस पुस्तकालय में 20 भाषाओं में दो मिलियन से अधिक किताबें और दुर्लभ पांडुलिपियाँ (rare manuscripts) मौजूद हैं। 75 वर्षीय अंके गौड़ा को शिक्षार्थियों (learners) को सशक्त बनाने (empower) के उनके अनोखे प्रयास के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

इन पुरस्कारों में अन्य कई अद्भुत व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और समाज सेवा (social service) के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। यह पहल ऐसे लोगों की उपलब्धियों को उजागर करने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।