मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच PM मोदी की हाई लेवल बैठक, ईंधन सप्लाई पर बड़ा फैसला संभव

सरकार का फोकस इस बात पर है कि युद्ध की स्थिति के बावजूद देश में ईंधन और बिजली की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे।

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  • Updated On - March 22, 2026 / 06:07 PM IST

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में गहराते युद्ध (War) के संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक अहम इमरजेंसी बैठक (Emergency Meeting) बुलाई। प्रधानमंत्री आवास पर हो रही इस हाई लेवल मीटिंग (High-Level Meeting) में सीनियर कैबिनेट मंत्रियों के साथ कच्चे तेल (Crude Oil), गैस (Gas) और फर्टिलाइजर (Fertilizer) की सप्लाई चेन (Supply Chain) की विस्तार से समीक्षा की जा रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि युद्ध की स्थिति के बावजूद देश में ईंधन और बिजली की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे।

प्रधानमंत्री की इस बैठक में 13 कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं। इनमें गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, प्रह्लाद जोशी, अश्विनी वैष्णव, के राम मोहन नायडू, जे पी नड्डा, सर्वानंद सोनोवाल, मनोहर लाल खट्टर और शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के दोनों प्रिंसिपल सेक्रेटरी भी बैठक में मौजूद हैं।

बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में ईंधन और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रही है ताकि किसी भी तरह की कमी या बाधा से बचा जा सके।

इससे पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है और यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा था कि इस स्थिति से निपटने के लिए शांति, धैर्य और जागरूकता बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधानों से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और हर संभव विकल्प पर काम किया जा रहा है ताकि देश की जरूरतों को पूरा किया जा सके।