₹100 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा न्यायिक हिरासत में, ED जांच तेज
By : hashtagu, Last Updated : May 18, 2026 | 6:51 pm
चंडीगढ़/गुरुग्राम: पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) को ₹100 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और फर्जी GST बिलिंग (Fake GST Billing) मामले में अदालत ने न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। गुरुग्राम की विशेष PMLA अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले अरोड़ा 9 मई से प्रवर्तन निदेशालय यानी ED (Enforcement Directorate) की हिरासत में थे।
ED ने संजीव अरोड़ा को 9 मई को चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा और उनसे जुड़ी कंपनियों ने फर्जी कंपनियों और नकली GST बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन को अंजाम दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक इस मामले में शेल कंपनियों (Shell Companies), बेनामी संपत्तियों और संदिग्ध निवेशों का इस्तेमाल किया गया।
ED ने अदालत में दावा किया कि जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज, बैंक लेनदेन रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। एजेंसी ने कहा कि पैसों के लेनदेन और दुबई से जुड़े फंड ट्रांसफर की जांच अभी जारी है। इसी आधार पर पहले ED ने अतिरिक्त रिमांड भी मांगी थी।
संजीव अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से कहा गया कि गिरफ्तारी “गैरकानूनी और असंवैधानिक” है तथा यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। अरोड़ा के वकीलों ने अदालत में कहा कि सभी कारोबारी लेनदेन कानूनी बैंकिंग चैनलों के जरिए हुए थे और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके मंत्रालयों का बंटवारा दूसरे मंत्रियों में कर दिया है। उद्योग, बिजली और स्थानीय निकाय विभाग फिलहाल अन्य मंत्रियों को सौंपे गए हैं। हालांकि अरोड़ा अभी भी पंजाब कैबिनेट का हिस्सा बने हुए हैं।
AAP नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए ED और CBI जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं ED का कहना है कि जांच पूरी तरह सबूतों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है।




