नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन (delimitation) बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस समय हल्का राजनीतिक तनाव देखने को मिला जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) के बीच माइक (mic) को लेकर नोकझोंक हो गई।
जानकारी के अनुसार, सदन में महिला आरक्षण बिल पर बहस चल रही थी। इसी दौरान विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे कि सरकार ने लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण को अब तक लागू क्यों नहीं किया। बहस के बीच राहुल गांधी ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन उन्हें लगा कि उनका माइक ठीक से काम नहीं कर रहा है या उनकी बात पूरी तरह नहीं सुनी जा रही।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जवाब देते हुए कहा कि यह सही नहीं है कि किसी एक सदस्य का माइक बंद रखा जाता है या उनकी बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सांसदों को नियमों के तहत बोलने का पूरा अवसर दिया जाता है और सदन की कार्यवाही व्यवस्था के अनुसार चलती है।
स्पीकर के इस बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए हल्की बहस और टकराव का माहौल बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले, लेकिन अध्यक्ष ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और कार्यवाही को आगे बढ़ाया।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम और संवेदनशील विधेयकों पर चर्चा चल रही थी। विपक्ष लगातार सरकार से सवाल कर रहा है कि इन सुधारों को लागू करने में देरी क्यों की जा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक है।
सदन में हुई इस नोकझोंक के बाद राजनीतिक हलकों में भी बयानबाजी तेज हो गई है और इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग जारी है।
17 अप्रैल को शाम 4 बजे तीन महत्वपूर्ण विधेयकों संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पर मतदान होगा।
लोकसभा अध्यक्ष @ombirlakota ने कहा कि विधेयकों पर 15–18 घंटे या आवश्यकतानुसार विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।… pic.twitter.com/wmkkSMxM1k
— SansadTV (@sansad_tv) April 16, 2026