राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार सार्वजनिक किया हिसाब, 3,264 करोड़ रुपये की प्राप्ति, 2,370 करोड़ निर्माण पर खर्च

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण और खर्च से जुड़ा पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से रखा गया है। ट्रस्ट का कहना है कि यदि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार का संदेह है तो वह रिकॉर्ड का सत्यापन कर सकता है

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  • Publish Date - July 7, 2026 / 03:17 PM IST

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Trust) ने पहली बार मंदिर निर्माण और दान (Donations), खर्च (Expenditure), निर्माण कार्य (Construction) तथा चांदी के दान (Silver Donations) से जुड़ी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक की है। ट्रस्ट ने बताया कि स्थापना से 31 मार्च 2026 तक उसे कुल 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,370 करोड़ रुपये राम मंदिर निर्माण और पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए गए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के चढ़ावे से प्राप्त राशि में से 391 करोड़ रुपये मंदिर के संचालन और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए हैं।

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण और खर्च से जुड़ा पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से रखा गया है। ट्रस्ट का कहना है कि यदि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार का संदेह है तो वह रिकॉर्ड का सत्यापन कर सकता है। ट्रस्ट ने कहा कि सभी वित्तीय लेन-देन का नियमित ऑडिट कराया जाता है और समय-समय पर जानकारी भी साझा की जाती रही है।

ट्रस्ट ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई चांदी को पिघलाकर मंदिर निर्माण और उससे जुड़े धार्मिक एवं सजावटी कार्यों में उपयोग किया गया है। ट्रस्ट के अनुसार, ऐसा मंदिर निर्माण की आवश्यकता और तकनीकी उपयोग को ध्यान में रखते हुए किया गया।

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने कुछ प्रशासनिक फैसले भी लिए। महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। ट्रस्ट ने कहा कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपने पद छोड़े हैं।

हाल के दिनों में मंदिर को मिले दान और बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच ट्रस्ट ने कहा कि सोना, चांदी और अन्य कीमती चढ़ावे पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट ने किसी भी तरह की अनियमितता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे संबंधित एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

ट्रस्ट ने कहा कि उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना है और इसी कारण पहली बार आय, व्यय और निर्माण कार्यों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर निर्माण का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है और शेष कार्य भी चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।