जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने संभाला आमरण अनशन

सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे थे।

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 02:39 PM IST

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे आमरण अनशन (Hunger Strike) के 21वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता (Social Activist) सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के बाद यह कदम उठाया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वांगचुक को जबरन हटाया गया।

सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे थे। आंदोलन की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की है। इस आंदोलन को देशभर के युवाओं का समर्थन मिल रहा है।

वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनशन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और सरकार को छात्रों और युवाओं की मांगों पर जवाब देना होगा। दिपके ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वांगचुक को बिना स्पष्ट जानकारी दिए वहां से हटाया गया।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी और कई प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। पुलिस का कहना है कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी था। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक उपवास के कारण वे काफी कमजोर हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

CJP ने घोषणा की है कि आंदोलन जारी रहेगा और 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की तैयारी की जा रही है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार बातचीत शुरू नहीं करती, तब तक विरोध प्रदर्शन और अनशन जारी रहेगा।