भारत में LPG सप्लाई को सामान्य होने में लग सकते हैं 4 साल, सरकारी अधिकारी ने दी बड़ी चेतावनी

अधिकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर पड़ रहा है।

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 01:05 PM IST

नई दिल्ली: देश में रसोई गैस (LPG – Liquefied Petroleum Gas) की सप्लाई को पूरी तरह सामान्य होने में लगभग 3 से 4 साल तक का समय लग सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह चेतावनी देते हुए कहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई चेन (supply chain) में लगातार आ रही बाधाओं के कारण स्थिति जल्दी सुधरना मुश्किल है।

अधिकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर पड़ रहा है। भारत अपनी घरेलू जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात (import) पर निर्भर रहकर पूरा करता है, लेकिन हाल के समय में पारंपरिक सप्लाई रूट और स्रोत प्रभावित हुए हैं।

बताया गया है कि पहले जिन क्षेत्रों से नियमित सप्लाई मिलती थी, वहां उत्पादन और परिवहन दोनों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। इसके अलावा वैश्विक लॉजिस्टिक्स और शिपिंग नेटवर्क भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है, जिससे सप्लाई में देरी हो रही है।

सरकारी अधिकारी ने कहा कि मौजूदा स्थिति को स्थिर करने के लिए नए सप्लाई स्रोत जोड़ने, दीर्घकालिक अनुबंध (long-term contracts) बढ़ाने और लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। लेकिन इन सभी प्रक्रियाओं में समय लगता है, इसलिए तुरंत सुधार संभव नहीं है।

हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता (priority) में है और आपूर्ति में किसी तरह की बड़ी कमी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की एलपीजी पर आयात निर्भरता ज्यादा होने के कारण वैश्विक अस्थिरता का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है। अगर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और घरेलू उत्पादन क्षमता को नहीं बढ़ाया गया तो आने वाले वर्षों में भी दबाव बना रह सकता है।

इस बीच सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस की अनावश्यक खरीदारी (panic buying) से बचें और सामान्य उपयोग बनाए रखें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।