तेलंगाना में देवजी-मल्ला राजी रेड्डी सहित शीर्ष माओवादी नेताओं ने डाले हथियार, खौफ के थे चेहरे अब शांत

आत्मसमर्पण करने वालों में Thippiri Tirupati Devji, Malla Raji Reddy, स्टेट कमेटी सदस्य बड़े चोक्का राव और नुने नरसिम्हा रेड्डी शामिल हैं।

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 08:20 PM IST

हैदराबाद, तेलंगाना। माओवादी संगठन (Maoist Organisation) को बड़ा झटका देते हुए कुख्यात और इनामी नक्सली नेता थिप्पिरी तिरुपति उर्फ ‘देवजी’ (Devji) और मल्ला राजी रेड्डी सहित चार शीर्ष माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया। कभी खौफ (Fear) का पर्याय रहे ये चेहरे अब शांत (Calm) नजर आए। इन नेताओं ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) के समक्ष हथियार डाले, जिससे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वालों में Thippiri Tirupati Devji, Malla Raji Reddy, स्टेट कमेटी सदस्य बड़े चोक्का राव और नुने नरसिम्हा रेड्डी शामिल हैं। बताया गया है कि ये सभी माओवादी संगठन की शीर्ष इकाई से जुड़े थे और इन पर संयुक्त रूप से करोड़ों रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह पहली बार है जब संगठन के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति स्तर के नेताओं ने एक साथ सरेंडर किया है।

इन नेताओं ने Telangana Police के समक्ष आत्मसमर्पण किया और इस दौरान राज्य के डीजीपी Shivadhar Reddy भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन नेताओं के आत्मसमर्पण से माओवादी नेटवर्क, उनकी रणनीतियों और ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जिससे नक्सल गतिविधियों पर और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना माओवादी संगठन के मनोबल पर सीधा असर डालेगी। लंबे समय से सक्रिय इन नेताओं के मुख्यधारा में लौटने से संगठन की पकड़ कमजोर पड़ सकती है। सरकार पहले ही नक्सलवाद के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है और इस सरेंडर को उसी दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नेताओं को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आवश्यक सहायता दी जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। इस घटनाक्रम के बाद तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और इसे नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया जा रहा है।