वायनाड भूस्खलन के बाद आसपास के परिवारों को सुरक्षित निकाला गया, 7 लापता लोगों की तलाश तेज

जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

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  • Publish Date - July 7, 2026 / 03:13 PM IST

वायनाड (केरल): केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी (Kalladi) सुरंग परियोजना (Tunnel Project) के पास हुए भूस्खलन (Landslide) के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास रहने वाले परिवारों (Families) को सुरक्षित स्थानों (Evacuation) पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। घटना में लापता (Missing) सात लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान (Rescue Operation) जारी है।

जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रभावित परिवारों को मेप्पडी में बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है। कल्लाडी-मेप्पडी सड़क भी भूस्खलन के कारण बंद हो गई है।

मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय लोगों की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। वायनाड के जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है। वहीं गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने अग्निशमन एवं बचाव सेवा के महानिदेशक और वायनाड पुलिस प्रमुख को राहत एवं बचाव अभियान और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे में छह घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है। प्रशासन का कहना है कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान लगातार जारी है।

सुरंग परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि 12 जून के बाद से सुरंग की खुदाई का काम बंद था और केवल सुरक्षा तथा ढलान संरक्षण से जुड़े कार्य किए जा रहे थे। उनके अनुसार, भूस्खलन सुरंग या सक्रिय निर्माण क्षेत्र से नहीं बल्कि निर्माण सीमा से बाहर स्थित पहाड़ी ढलान से हुआ, जिसके बाद कुछ ही सेकंड में भारी मात्रा में मलबा मीनाक्षी ब्रिज क्षेत्र की ओर बह गया।

इंजीनियरों के मुताबिक घटना के समय ढलान सुरक्षा कार्य में लगे मजदूर, सुरक्षा कर्मी और परियोजना के कुछ इंजीनियर आसपास मौजूद थे। अचानक आए मलबे की चपेट में कई लोग आ गए, जबकि कुछ कर्मचारी सुरक्षित निकलने में सफल रहे। प्रशासन ने कहा है कि मौसम और सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।