लोकसभा में पेश हुआ आर्थिक सर्वे 2025-26, भारत की विकास दर पर सरकार का भरोसा

सर्वे में बताया गया कि उपभोग (consumption) और निवेश दोनों में सुधार देखा गया है। महंगाई (inflation) नियंत्रण में है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 01:37 PM IST

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey) पेश किया। यह सर्वे आगामी केंद्रीय बजट से पहले देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति और भविष्य की दिशा का खाका पेश करता है। सर्वे में वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत और स्थिर बताया गया है।

आर्थिक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में भारत की जीडीपी (GDP – सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू मांग (domestic demand), सरकारी पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और निजी निवेश (private investment) अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।

सर्वे में बताया गया कि उपभोग (consumption) और निवेश दोनों में सुधार देखा गया है। महंगाई (inflation) नियंत्रण में है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। रोजगार, विनिर्माण (manufacturing), डिजिटल अर्थव्यवस्था (digital economy) और बुनियादी ढांचे (infrastructure) को विकास के प्रमुख स्तंभ बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों (structural reforms) और नीतिगत फैसलों का सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

आर्थिक सर्वे में आगे कहा गया कि आने वाले समय में सुधारों की निरंतरता, राज्यों के साथ बेहतर समन्वय और निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकास को और मजबूती मिलेगी। अब सभी की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हैं, जिसमें सर्वे की सिफारिशों का असर दिख सकता है।