स्टीव बकनर ने 22 साल बाद माना: सचिन तेंदुलकर को गलत आउट दिया था, कहा ‘गलतियाँ जीवन का हिस्सा हैं’

स्टीव बकनर ने कहा कि उस मैच के दौरान गेंदबाज़ की जोरदार अपील पर उन्होंने सचिन तेंदुलकर को एल्बीडब्ल्यू आउट दे दिया था, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह फैसला सही नहीं था।

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 08:15 PM IST

नई दिल्ली। क्रिकेट इतिहास (Cricket History) के एक चर्चित और विवादित फैसले (Controversial Decision) पर बड़ा खुलासा करते हुए Steve Bucknor ने स्वीकार किया है कि उन्होंने महान भारतीय बल्लेबाज़ Sachin Tendulkar को 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के ब्रिस्बेन टेस्ट मैच में गलत तरीके से एल्बीडब्ल्यू (LBW – Leg Before Wicket) आउट दिया था। यह फैसला उस समय से ही क्रिकेट जगत में बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है और आज भी फैंस के बीच चर्चा में रहता है।

स्टीव बकनर ने कहा कि उस मैच के दौरान गेंदबाज़ की जोरदार अपील पर उन्होंने सचिन तेंदुलकर को एल्बीडब्ल्यू आउट दे दिया था, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह फैसला सही नहीं था। उन्होंने माना कि गेंद सीधे स्टंप्स पर नहीं जा रही थी और उनका निर्णय एक गलती थी। बकनर ने साफ शब्दों में कहा कि गलतियां जीवन और खेल दोनों का हिस्सा हैं, लेकिन यह घटना उन्हें हमेशा याद रहेगी क्योंकि लोग आज भी इस फैसले को याद करते हैं।

ब्रिस्बेन टेस्ट में सचिन तेंदुलकर सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए थे, जिससे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक हैरान रह गए थे। उस समय कमेंट्री बॉक्स में मौजूद पूर्व कप्तान और कमेंटेटर Tony Greig ने इस फैसले को ‘भयावह निर्णय’ बताया था। उस दौर में डीआरएस (Decision Review System) लागू नहीं था, इसलिए भारतीय टीम इस फैसले के खिलाफ कोई रिव्यू नहीं ले सकी और अंपायर का निर्णय अंतिम माना गया।

स्टीव बकनर ने अपने करियर में 128 टेस्ट मैचों सहित कई विश्व कप मुकाबलों में अंपायरिंग की है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में समय-समय पर गलतियां होती रही हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और डीआरएस सिस्टम आने के बाद अंपायरिंग पहले से अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हो गई है।

उनकी इस स्वीकारोक्ति के बाद करीब एक दशक से ज्यादा पुरानी इस विवादित घटना पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। यह मामला भारतीय और विश्व क्रिकेट में अंपायरिंग फैसलों, तकनीकी सुधारों और पारदर्शिता की जरूरत पर एक अहम उदाहरण माना जाता है।