कांग्रेस ने ACB-EOW में की शिकायत, करोड़ों के काम में भ्रष्टाचार का आरोप
By : hashtagu, Last Updated : January 7, 2026 | 10:36 pm
रायपुर | बालोद: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित रोवर–रेंजर जंबूरी 2026 को लेकर कांग्रेस ने आयोजन से जुड़े टेंडर आबंटन में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित ACB/EOW कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए औपचारिक शिकायत सौंपी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल ने बताया कि बालोद जिले में 9 जनवरी से प्रस्तावित जंबूरी 2026 के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू से ही संदेह के घेरे में रही है। उन्होंने कहा कि टेंडर 20 दिसंबर को खुलना था, लेकिन उसे गलत तरीके से रद्द कर दिया गया। इसके बाद महज 10 दिनों के भीतर दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसकी अंतिम तिथि 3 जनवरी तय की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि हैरानी की बात यह है कि टेंडर अंतिम तारीख तक खुला ही नहीं, लेकिन मौके पर काम लगभग पूरा हो चुका है। जमीनी स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये का काम हो गया है, जबकि अब तक किसी भी कंपनी को औपचारिक रूप से वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया। सुबोध हरितवाल ने सवाल उठाया कि जब टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तब किसके आदेश पर निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में पहले से तय कंपनी को काम दिया गया, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
कांग्रेस के अनुसार, जंबूरी आयोजन बालोद स्थित शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में प्रस्तावित है। टेंडर खुलने से पहले ही ‘भारत किराया भंडार’ नामक कंपनी के ट्रक, सामग्री और मजदूर मौके पर मौजूद थे और पूरी तैयारी के साथ काम शुरू हो चुका था। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि कंपनी को पहले से जानकारी किसने दी।
कांग्रेस ने जेम पोर्टल के जरिए होने वाली सरकारी निविदाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जेम पोर्टल का उद्देश्य समान अवसर और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, लेकिन इस मामले में टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू हो जाना पूरी व्यवस्था को संदिग्ध बनाता है।
सुबोध हरितवाल ने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर दस्तावेज में जिन अधिकारियों के मोबाइल नंबर दर्ज थे, उनसे संपर्क करने पर फोन स्विच ऑफ मिले, जो जवाबदेही से बचने की कोशिश को दर्शाता है।
इसी आधार पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री गजेंद्र यादव सहित आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों के खिलाफ ACB/EOW में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी ऐलान किया है कि 9 जनवरी को वे राज्यपाल से मुलाकात कर जंबूरी आयोजन में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत करेंगे।
कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा है कि जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि टेंडर से पहले काम किसके आदेश पर शुरू हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, तब तक जंबूरी 2026 का आयोजन रद्द किया जाना चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले को दबाने की कोशिश की गई तो इसे सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।




