बीजिंग, चीन : भारत के खिलाफ हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर चीन ने पहली बार बड़ा खुलासा किया है। चीन ने स्वीकार किया है कि उसने इस सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी (Technical) और जमीनी स्तर पर सहायता (Support) दी थी। चीन की इस स्वीकारोक्ति के बाद दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा मामलों में नई बहस शुरू हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के सरकारी मीडिया और अधिकारियों ने माना कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी इंजीनियर और सैन्य विशेषज्ञ पाकिस्तान की मदद कर रहे थे। बताया गया कि पाकिस्तान ने इस दौरान चीन में बने J-10C फाइटर जेट और अन्य रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल किया। चीन की ओर से तकनीकी सहायता दिए जाने की बात पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया बड़ा सैन्य अभियान था। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन में भारत ने एयर स्ट्राइक, ड्रोन और आधुनिक मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया था।
चीन की इस स्वीकारोक्ति को भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे यह साफ हो गया है कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान चीन सीधे तौर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा था। इससे भारत-चीन संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कहा था कि देश ने आतंकवाद के खिलाफ “करारा जवाब” दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने भी दोहराया कि भारत को अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग आने वाले समय में दक्षिण एशिया की सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना सकता है।