तेहरान/दुबई: ईरान (Iran) ने दावा किया है कि उसने दुबई (Dubai) में अमेरिकी सेना (US Troops) के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर 500 से ज्यादा सैनिकों (Soldiers) को निशाना बनाया है, लेकिन अमेरिका (United States) ने इन दावों को पूरी तरह झूठ (False Claim) बताया है।
ईरानी सेना के अनुसार, उसने दुबई में दो अमेरिकी “हाइडआउट” (Hideouts) को निशाना बनाया, जहां बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। ईरान का कहना है कि इन हमलों में भारी नुकसान हुआ और सैकड़ों सैनिक प्रभावित हुए।
हालांकि, अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि दुबई में किसी भी अमेरिकी सैनिक पर हमला नहीं हुआ है। अमेरिकी पक्ष ने साफ कहा कि ईरान सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैला रहा है और अपनी सैन्य स्थिति छिपाने की कोशिश कर रहा है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इस तरह के दावे और जवाबी बयानबाजी से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच हमलों और जवाबी कार्रवाई को लेकर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सूचनाएं युद्ध (War) के दौरान मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकती हैं।