तेहरान, ईरान
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक बार फिर मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता गहराती जा रही है। खामेनेई विरोधी प्रदर्शनकारी 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को बुधवार को फांसी दिए जाने की तैयारी है। इस कदम को लेकर ईरान पर वैश्विक दबाव बढ़ गया है और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर “बहुत सख्त कार्रवाई” की चेतावनी दी है।
इरफान सोलतानी को हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उसने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए थे। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सोलतानी को निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं दिया गया और बेहद तेजी से उसे मौत की सजा सुना दी गई।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देना जारी रखा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने ईरानी सरकार को चेताते हुए कहा कि अमेरिका इस पर चुप नहीं बैठेगा और बहुत कड़ा कदम उठाया जा सकता है।
ईरान में हाल के महीनों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में तेजी आई है, जिनमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और हजारों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार ईरान से मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील कर रहा है।
इस बीच ईरानी प्रशासन का कहना है कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि फांसी जैसे कदम हालात को और बिगाड़ सकते हैं।