ड्रोन युद्ध की तैयारी में अमेरिका का बड़ा दांव! 54 अरब डॉलर खर्च कर आसमान में उतारेगा ‘फ्लाइंग बम’

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना अब पारंपरिक रक्षा कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय ड्रोन स्टार्टअप्स और नई टेक्नोलॉजी कंपनियों को मौका दे रही है।

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 10:51 PM IST

वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका): रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्षों के बीच अमेरिका अब ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन (Pentagon) ने कम लागत वाले लड़ाकू ड्रोन (Combat Drones) का विशाल बेड़ा तैयार करने की योजना बनाई है। इसके लिए अमेरिकी प्रशासन ने अगले रक्षा बजट में करीब 54.6 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव रखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना अब पारंपरिक रक्षा कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय ड्रोन स्टार्टअप्स और नई टेक्नोलॉजी कंपनियों को मौका दे रही है। इनमें कई ऐसी कंपनियां शामिल हैं जिन्हें पूर्व ड्रोन रेसर्स, हॉबी इंजीनियर्स और तकनीकी विशेषज्ञ चला रहे हैं। पेंटागन का मानना है कि भविष्य के युद्धों में हजारों सस्ते और तेज ड्रोन दुश्मन पर एक साथ हमला करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

इसी उद्देश्य से अमेरिका ने “ड्रोन डोमिनेंस” (Drone Dominance) नाम से 18 महीने की प्रतियोगिता शुरू की है। इसके तहत सबसे सक्षम कंपनियों का चयन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 1.1 अरब डॉलर के अनुबंध दिए जाएंगे और लगभग 3 लाख ड्रोन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन ड्रोन का परीक्षण किया जा रहा है, उनकी कीमत करीब 5 हजार डॉलर प्रति यूनिट है। इन ड्रोन को युद्ध में इस्तेमाल के बाद नष्ट हो जाने योग्य बनाया गया है। ड्रोन रेसिंग तकनीक से प्रेरित ये मशीनें बेहद तेज गति से उड़ान भर सकती हैं और सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं।

प्रतियोगिता के दौरान सेना ने विभिन्न मिशनों में इन ड्रोन का परीक्षण किया। इनमें लंबी दूरी के हमले, इमारतों के भीतर लक्ष्य भेदन और सामूहिक हमले जैसी परिस्थितियां शामिल थीं। पेंटागन का उद्देश्य रक्षा खरीद प्रक्रिया को तेज करना और नई तकनीकों को जल्दी अपनाना है।

पहले चरण में 26 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इनमें ब्रिटेन की स्कायकटर (Skycutter) कंपनी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनकर उभरी और उसे 2500 से अधिक ड्रोन का ऑर्डर मिला। वहीं कैलिफोर्निया की नेरोस (Neros) कंपनी भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदलेगा और कम लागत वाले हजारों ड्रोन एक साथ युद्धक्षेत्र में उतारे जाएंगे। यही वजह है कि अमेरिका अब अपनी सैन्य रणनीति में बड़े पैमाने पर ड्रोन तकनीक को शामिल करने की तैयारी कर रहा है।