सोशल मीडिया यूजर्स के लिए KYC अनिवार्य करने की सिफारिश, फेक अकाउंट और साइबर अपराध पर लगेगी लगाम

By : hashtagu, Last Updated : March 26, 2026 | 2:32 pm

नई दिल्ली: देश में सोशल मीडिया (Social Media), डेटिंग ऐप (Dating Apps) और ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए जल्द बड़ा बदलाव हो सकता है। संसद की एक स्थायी समिति (Parliamentary Committee) ने सरकार को सुझाव दिया है कि इन प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए KYC (Know Your Customer) यानी पहचान सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फर्जी प्रोफाइल, पहचान छिपाकर किए जाने वाले अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न (Online Harassment) तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग ऐप्स पर अनिवार्य KYC लागू करने से इन समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिफारिश खास तौर पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। समिति ने कहा कि कई मामलों में फेक अकाउंट के जरिए साइबर स्टॉकिंग, धमकी, मॉर्फ्ड फोटो और निजी तस्वीरों का दुरुपयोग जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि सिर्फ एक बार KYC करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि समय-समय पर यूजर्स का री-वेरिफिकेशन (Re-verification) भी किया जाए। इसके अलावा जिन अकाउंट्स के खिलाफ बार-बार शिकायत आती है, उन्हें हाई-रिस्क कैटेगरी में डालकर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उम्र की पुष्टि (Age Verification) भी जरूरी की जाए, ताकि नाबालिग यूजर्स को अनुचित कंटेंट से बचाया जा सके। इसके लिए सख्त नियम और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की सिफारिश की गई है।

यह सिफारिश गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को भेजी गई है। अगर सरकार इन सुझावों को लागू करती है, तो भविष्य में सोशल मीडिया अकाउंट बनाना बैंक अकाउंट खोलने जैसा हो सकता है, जहां पहचान सत्यापन जरूरी होगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि KYC लागू करने से जहां साइबर अपराध कम हो सकते हैं, वहीं यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी होगा।