कांकेर में 55 से ज्यादा सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, बस्तर में विकास फंड को लेकर बड़ा सियासी बवाल
By : hashtagu, Last Updated : May 23, 2026 | 12:32 pm
कांकेर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कांकेर जिले (Kanker district) के अंतागढ़ ब्लॉक में 55 से ज्यादा सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा देकर राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। सरपंचों ने आरोप लगाया है कि पिछले एक साल से ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए कोई फंड जारी नहीं किया गया, जिसके कारण गांवों में सड़क, पानी और बिजली जैसे जरूरी काम पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं।
सरपंचों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि फंड की कमी के कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्य रुक गए हैं और जनता लगातार परेशान हो रही है। इसी से नाराज होकर उन्होंने सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर बड़ा सवाल बताया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष Deepak Baij ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में विकास कार्यों के लिए पैसा जारी करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश के सरपंच परेशान हैं और अंतागढ़ की घटना सरकार की जमीनी हकीकत को उजागर करती है।
वहीं छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री Tank Ram Verma ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरपंचों को कोई समस्या थी तो उन्हें क्षेत्रीय विधायक या पंचायत मंत्री के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी, सामूहिक इस्तीफा देना समाधान नहीं है।
बस्तर जैसे संवेदनशील इलाके में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों को नाराज सरपंचों से बातचीत कर मामले को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरे मामले ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि जब सरकार लगातार विकास के दावे कर रही है तो फिर पंचायतों तक फंड क्यों नहीं पहुंच रहा। वहीं अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस संकट का समाधान कैसे निकालती है।




