CGPSC भर्ती घोटाले में CBI की फाइनल चार्जशीट 400 पन्नों में 29 आरोपी कोचिंग से लेकर पेपर लीक तक खुलासे

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 12:33 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती (Chhattisgarh PSC) घोटाला 2021 मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच पूरी करते हुए फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस हाई प्रोफाइल मामले में सीबीआई ने कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में भर्ती प्रक्रिया से लेकर प्रश्नपत्र लीक और चयन तक की पूरी साजिश का ब्योरा दिया गया है।

इससे पहले सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 400 पन्नों का चालान पेश किया था। फिलहाल इस मामले में 12 आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं जबकि उत्कर्ष चंद्राकर नाम का एक आरोपी अब भी फरार है। सीबीआई के मुताबिक फरार आरोपी की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी कराने में अहम रही है।

चार्जशीट में एक कोचिंग संचालक की भूमिका भी सामने आई है। सीबीआई के अनुसार इस कोचिंग संचालक ने महासमुंद जिले के बारनवापारा इलाके के एक होटल में संदिग्ध अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ठहराया था और वहीं उनकी विशेष तैयारी कराई गई थी। जांच में दावा किया गया है कि इस संचालक के पास CGPSC 2021 का प्रश्नपत्र पहले ही पहुंच गया था और उसी के आधार पर अभ्यर्थियों को टारगेटेड तैयारी करवाई गई।

इस घोटाले में कई बड़े और प्रभावशाली नाम जेल में बंद हैं। इनमें तत्कालीन CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक शामिल हैं। इनके अलावा बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल उनके बेटे शशांक गोयल जो चयनित अभ्यर्थी हैं बहू भूमिका कटियार साहिल सोनवानी समेत अन्य आरोपी भी जेल में हैं।

सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया। उनके बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले डिप्टी कलेक्टर बने। भाई की बहू दीपा अगजले को जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया। बहन की बेटी सुनीता जोशी का चयन श्रम अधिकारी के रूप में हुआ जबकि बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी डीएसपी बने।

चार्जशीट में उद्योगपति और प्रभावशाली कारोबारी परिवारों की भूमिका भी उजागर हुई है। उद्योगपति श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर बनाया गया। इसी तरह कारोबारी प्रकाश गोयल के बेटे और बहू का भी चयन हुआ। सीबीआई ने इन सभी चयनित उम्मीदवारों को आरोपी बनाया है।

जांच में यह भी सामने आया कि CGPSC 2021 की टॉप 20 चयन सूची में 13 से अधिक अभ्यर्थी किसी न किसी अधिकारी नेता या बड़े कारोबारी के रिश्तेदार थे। इसी आधार पर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे और कोर्ट में याचिका दायर की गई जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया।

सीबीआई ने चार्जशीट में यह भी स्पष्ट किया है कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक की प्रश्नपत्र लीक कराने में अहम भूमिका रही। जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक से लेकर चयन प्रक्रिया तक आंतरिक मिलीभगत के ठोस सबूत मिले हैं।

फाइनल चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले में जल्द ही ट्रायल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।