छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: 1.72 लाख करोड़ का संकल्प, 23 नए उद्योग, किसानों को ब्याज मुक्त ऋण और 18 साल पर बेटियों को ₹1.5 लाख

कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए, मार्कफेड के लिए 6 हजार करोड़ रुपए, कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ रुपए और प्राकृतिक खेती के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 02:12 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़। विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी (OP Choudhary) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ (Resolution) रखी गई है, जो पहले की ‘ज्ञान’ (Knowledge) और ‘गति’ (Speed) थीम के बाद विकास का नया रोडमैप मानी जा रही है। बजट में किसानों को ब्याज मुक्त ऋण (Interest Free Loan) देने, 18 साल की आयु पूरी करने पर बच्चियों को डेढ़ लाख रुपए देने, 23 नए उद्योग (New Industries) स्थापित करने और 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम (Showroom) खोलने की बड़ी घोषणाएं की गईं।

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे। नवा रायपुर-राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भिलाई में व्यावसायिक परिसर के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के भवन का निर्माण किया जाएगा। उद्योग विभाग का बजट 248 करोड़ से बढ़ाकर 775 करोड़ कर दिया गया है। उद्योगों के अनुदान के लिए 750 करोड़ रुपए का प्रावधान है और ‘खनिज ऑनलाइन 2.2’ के लिए 35 करोड़ रुपए रखे गए हैं। रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

किसानों के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए, मार्कफेड के लिए 6 हजार करोड़ रुपए, कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ रुपए और प्राकृतिक खेती के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है। भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए रखे गए हैं। डेयरी समग्र विकास योजना 90 करोड़ रुपए से शुरू की जाएगी।

महिलाओं और बालिकाओं के लिए रानी दुर्गावती योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत 18 वर्ष पूर्ण करने पर बेटियों को डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए रायपुर में 200 सीटों का छात्रावास बनेगा। अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए हॉस्टल और स्कूल निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल बनाया जाएगा। चिरमिरी में जिला अस्पताल का निर्माण होगा। शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक के इलाज के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मुख्यमंत्री सड़क योजना में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान है, जिसमें 36 सड़कें शामिल हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1700 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। अबूझमाड़-जगरगुंडा क्षेत्र में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी।

शिक्षा के क्षेत्र में 5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान है। रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

सामाजिक क्षेत्र में पेंशन के लिए 1400 करोड़ रुपए, नमक योजना के लिए 1 हजार करोड़ रुपए, सयानगुडी के विकास के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी मेले के लिए 50 लाख रुपए की अनुदान राशि दी जाएगी। उपहार प्लेटफॉर्म के लिए 25 करोड़ रुपए रखे गए हैं। 50 लाख रुपए तक के कार्यों की एजेंसी ग्राम सभाएं होंगी।

बजट भाषण के दौरान सदन में राजनीतिक टिप्पणियां भी हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्त मंत्री से बजट को विस्तार से रखने को लेकर टोका, जबकि पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि बजट सुनते-सुनते थक गए।

कुल मिलाकर 1.72 लाख करोड़ रुपए का यह बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ कृषि, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के व्यापक विकास पर केंद्रित है।