रायपुर |वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए छत्तीसगढ़ बजट (Chhattisgarh Budget) को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस छिड़ गई है। राज्य सरकार ने करीब 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट “संकल्प (Sankalp)” थीम के साथ पेश किया, लेकिन विपक्ष ने इसे दिखावटी (Superficial) और खोखला (Hollow) करार दिया है। बजट पेश होते ही सदन के भीतर और बाहर सियासी बयानबाजी तेज हो गई।
ChatGPT Budget!!
“पिछले बजट में मैंने पतंग उड़ाने की घोषणा की थी, इस बजट में मैं पतंग के कन्ने बांधने की घोषणा करता हूँ, फिर अगले बजट में मैं पतंग में माँझा बांधने का ऐलान करूँगा, फिर उसके अगले बजट में पतंग उड़ाने की कोशिश करूँगा”….. और फिर जनता जुमलों की यह पतंग काट देगी.…
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) February 24, 2026
राज्य के वित्त मंत्री OP Choudhary ने बजट को विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह बजट प्रदेश को नई दिशा, नई गति और नई ऊर्जा देगा। सरकार की ओर से बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के विकास, बुनियादी ढांचे में निवेश, बिजली सब्सिडी और विभिन्न सामाजिक योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं।
वहीं विपक्षी दलों ने बजट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इसमें जमीनी हकीकत से ज्यादा घोषणाएं हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने बड़े-बड़े वादे तो किए हैं, लेकिन आम जनता, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं दिया गया है। कुछ नेताओं ने इसे “नए शब्दों में पुरानी घोषणाओं का दोहराव” बताया।
विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष का कहना है कि सरकार को बजट में पारदर्शिता और स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए था, जबकि सरकार इसे समावेशी विकास का मजबूत दस्तावेज बता रही है।
बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बहस की संभावना है।
