CBG नीति 2026 को मंजूरी: कचरे और गोबर से बनेगी बायोगैस, छत्तीसगढ़ में हर साल 5 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य

मंत्रिपरिषद ने राज्य में वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीजी-सीबीजी नीति 2026 के प्रारूप को अनुमोदित कर दिया है।

  • Written By:
  • Publish Date - June 23, 2026 / 08:45 PM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण विकास, रोजगार और हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए। इनमें सबसे बड़ा निर्णय छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas-CBG) नीति 2026 को मंजूरी देना रहा। नई नीति के तहत कृषि अवशेष, गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस कचरे (Solid Waste) और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन बायोगैस (Bio Gas) का उत्पादन किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद ने राज्य में वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीजी-सीबीजी नीति 2026 के प्रारूप को अनुमोदित कर दिया है। सरकार के अनुसार इस नीति के माध्यम से कृषि और पशुपालन से निकलने वाले अवशेषों के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों के जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाएगा। इन संसाधनों को प्रोसेस कर कम्प्रेस्ड बायोगैस में बदला जाएगा, जो पारंपरिक ईंधनों का पर्यावरण अनुकूल विकल्प साबित होगी।

राज्य सरकार के अंजोर विजन-2047 के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की क्षमता मौजूद है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि और पशुपालन पर आधारित होने के कारण यहां बड़ी मात्रा में जैविक अवशेष उपलब्ध होते हैं। अब इन संसाधनों को नष्ट करने के बजाय ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

नई नीति का सबसे बड़ा लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है। फसल कटाई के बाद बचने वाले कृषि अवशेषों को बेचकर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे। वहीं गोबर और अन्य जैविक संसाधनों का भी आर्थिक महत्व बढ़ेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आमदनी के नए स्रोत विकसित होंगे।

सरकार का मानना है कि राज्य में सीबीजी संयंत्रों की स्थापना से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। संयंत्रों के संचालन, कच्चे माल के संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि सीबीजी नीति 2026 राज्य में हरित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण विकास को गति देने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी तैयार होंगे।