छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, परिवार का एक सदस्य सरकारी नौकरी में हो तो नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

मामला दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के एक कर्मचारी के निधन के बाद उसके बेटे द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की मांग से जुड़ा था।

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 04:28 PM IST

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी (Government Employee) के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में कार्यरत है और लागू नीति में ऐसी स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान नहीं है, तो दूसरे आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति अधिकार (Right) नहीं, बल्कि सरकार की नीति (Policy) के तहत दी जाने वाली विशेष राहत है।

मामला दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के एक कर्मचारी के निधन के बाद उसके बेटे द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की मांग से जुड़ा था। कर्मचारी की मृत्यु के समय उसकी पत्नी पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत थीं। इसी आधार पर संबंधित विभाग ने बेटे के आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देना है। यह सामान्य भर्ती का माध्यम नहीं है और इसे केवल संबंधित नीति में निर्धारित शर्तों के अनुसार ही दिया जा सकता है। अदालत ने कहा कि न्यायालय सरकार की नीति में बदलाव नहीं कर सकता और केवल सहानुभूति के आधार पर नियुक्ति का आदेश नहीं दिया जा सकता।

कोर्ट ने माना कि यदि नीति में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में होने पर दूसरा सदस्य अनुकंपा नियुक्ति का पात्र नहीं होगा, तो ऐसे मामलों में नियुक्ति का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर याचिकाकर्ता की अपील खारिज कर दी गई।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी दोहराया कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य सरकारी नौकरी देना नहीं, बल्कि मृत कर्मचारी के परिवार को अचानक उत्पन्न आर्थिक संकट से राहत देना है। इसलिए ऐसे मामलों में संबंधित विभाग और न्यायालय दोनों को लागू नियमों और नीति के दायरे में ही निर्णय लेना होगा।