रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का असर कृषि क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। सरकार का दावा है कि समय पर खाद (Fertilizer) और बीज (Seeds) की उपलब्धता, ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदी (Paddy Procurement) और किसान-केंद्रित (Farmer-Centric) योजनाओं के प्रभाव से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। इन प्रयासों से खेती को नई मजबूती मिलने के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
सुशासन सरकार की किसान हितैषी नीतियां बन रही हैं समृद्ध खेती की मजबूत नींव
समय पर खाद और बीज की उपलब्धता, ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदी और किसान-केंद्रित योजनाओं ने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। समृद्ध कृषि, बढ़ती आय और खुशहाल किसान—यही है विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान।… pic.twitter.com/ZEllFeXDBz
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) July 20, 2026
सरकार के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बुवाई प्रभावित नहीं हो रही है। वहीं, ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाएं लगातार संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
सरकार का दावा है कि समृद्ध कृषि, बढ़ती किसानों की आय और खुशहाल किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।