छत्तीसगढ़ विशेष सत्र 27 अप्रैल: महिला आरक्षण पर सरकार लाएगी निंदा प्रस्ताव, सियासत गरमाई

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है। उन्होंने इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम विषय बताया।

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 08:30 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा (Assembly) का एक दिवसीय विशेष सत्र (Special Session) 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून (Women Reservation Bill) और डीलिमिटेशन (Delimitation) से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) पेश करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे “दुखी मन” से यह बात रख रहे हैं और उनके अनुसार विपक्ष के रवैये के कारण महिलाओं को 33% आरक्षण देने का सपना पूरा नहीं हो सका।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है। उन्होंने इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम विषय बताया।

उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को करीब 57% आरक्षण दिया गया है, जबकि विधानसभा में भी 20% से अधिक महिला विधायक हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है।

साय ने विपक्ष पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी राजनीति से देश को नुकसान होता है।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि महिला आरक्षण को लेकर आगे सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और जनता इस मुद्दे को समझते हुए सही समय पर निर्णय करेगी।

27 अप्रैल को होने वाला यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, जहां महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।