रायपुर, 25 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) राजधानी रायपुर के बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि के साथ-साथ व्यापार (Trade) और उद्योग (Industry) के लिए भी अनुकूल वातावरण (Favorable Environment) वाला राज्य बन चुका है और इसी कारण निवेश (Investment) के लिए देशभर के व्यापारी आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। सरकार का यह तीसरा वर्ष है। पहले वर्ष के बजट की थीम “ज्ञान” थी, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी पर फोकस किया गया। दूसरे वर्ष “गति” थीम के साथ विकास को रफ्तार दी गई और इस वर्ष का बजट “संकल्प” थीम पर आधारित है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। बस्तर, जो केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण विकास प्रभावित रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ सहित देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले दो वर्षों में कई बड़े माओवादी मारे गए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के लिए बजट प्रावधान किया है। कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर काम किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा में उपलब्ध सैकड़ों प्रकार के वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण जरूरी है। राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। आने वाले पांच वर्षों में जीएसडीपी दर को दोगुना करने और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये के जीएसडीपी लक्ष्य की दिशा में काम किया जा रहा है। नई उद्योग नीति के तहत विभिन्न इन्वेस्ट मीट से अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की टीम को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
