राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को बड़ा झटका, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश
By : hashtagu, Last Updated : April 2, 2026 | 1:16 pm
By : hashtagu, Last Updated : April 2, 2026 | 1:16 pm
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड (Ram Avtar Jaggi murder case) में Amit Jogi को बड़ा झटका लगा है। Chhattisgarh High Court ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर (surrender) करने का आदेश दिया है। यह फैसला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Ramesh Sinha की डिवीजन बेंच ने सुनाया।
मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने करीब 11 हजार पन्नों की जांच रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें अमित जोगी के खिलाफ भी चार्ज लगाए गए थे। हालांकि पहले कोर्ट ने इस केस में उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन बाद में मामले को दोबारा खोला गया।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता Ramavtar Jaggi की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे, जबकि 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। उस समय अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।
इसके बाद रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ Supreme Court of India में अपील दायर की थी, जिस पर पहले जोगी के पक्ष में स्टे मिला था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को भेज दिया था।
अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा, जिससे इस बहुचर्चित मामले में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है।