CBSE OSM विवाद पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधते हुए कहा कि सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम में सामने आई खामियों और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) संबंधी चिंताओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया

  • Written By:
  • Publish Date - June 2, 2026 / 07:52 PM IST

नई दिल्ली: सीबीएसई (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (On-Screen Marking System-OSM) को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और लाखों छात्रों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधते हुए कहा कि सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम में सामने आई खामियों और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) संबंधी चिंताओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उनका आरोप है कि सिस्टम में कमियां सामने आने के बावजूद समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

कांग्रेस का दावा है कि सीबीएसई ने शुरुआत में ओएसएम प्रणाली में किसी भी तरह की सुरक्षा खामी से इनकार किया था, लेकिन बाद में यह स्वीकार करना पड़ा कि सिस्टम प्रभावित हुआ है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जिस कंपनी को यह काम सौंपा गया, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और टेंडर प्रक्रिया में हुए बदलावों का फायदा किसे पहुंचाया गया।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे संबंधित कंपनी को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 की निविदा प्रक्रिया में सीबीएसई के पास काम पूरा नहीं करने वाले विक्रेताओं को ब्लैकलिस्ट करने का अधिकार था, लेकिन बाद में संशोधन कर इस प्रावधान को हटा दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में जवाबदेही की कमी रही है और इसके कारण छात्रों के हित प्रभावित हुए हैं।

वहीं, केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई की ओएसएम टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में उच्च स्तरीय जांच चल रही है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और स्कैन कॉपियों में गड़बड़ियों की शिकायत की। इसके बाद ओएसएम सिस्टम, टेंडर प्रक्रिया और साइबर सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे, जिन पर अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।