भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा (Assembly) के बजट सत्र (Budget Session) में आज लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की राशि को लेकर जोरदार बहस हुई। कांग्रेस (Congress) ने सरकार से मांग की कि योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही ₹1500 की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर ₹3000 किया जाए। साथ ही वृद्धा पेंशन (Old Age Pension), निराश्रित पेंशन (Destitute Pension) और दिव्यांग पेंशन (Disability Pension) की राशि बढ़ाने की भी मांग उठाई गई।
विपक्ष ने सदन में कहा कि सरकार ने पहले महिलाओं से वादा किया था कि लाडली बहना योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹3000 की जाएगी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। कांग्रेस विधायकों ने यह भी सवाल उठाया कि नए पंजीकरण क्यों बंद हैं और 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के नाम सूची से हटाने की शिकायतें क्यों आ रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं को नियमित रूप से राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। बिना कारण किसी भी हितग्राही का नाम नहीं हटाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए पंजीकरण खोलने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है और राशि बढ़ाने का मामला बजट की स्थिति को देखते हुए तय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में कहा कि लाडली बहना योजना बंद नहीं होगी और सरकार इसे मजबूत तरीके से चला रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक योजना की राशि बढ़ाकर ₹3000 की जाए।
बहस के दौरान कांग्रेस ने सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट भी किया। बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राज्य की राजनीति में लाडली बहना योजना एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है और आने वाले समय में इस पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
