भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में मोहन यादव सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC MP की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। इसके जरिए अब आम लोग अपनी राय और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। सरकार ने 15 जून 2026 तक लोगों से सुझाव मांगे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार चाहती है कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण कानून को लागू करने से पहले हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जहां लोग अपने सुझाव दर्ज कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि जनता की राय के आधार पर संतुलित और व्यापक कानून तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार पहले ही UCC को लेकर तैयारी शुरू कर चुकी है। इसके लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति राज्य में लागू विभिन्न पर्सनल लॉ का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सरकार को देगी। समिति को ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
सरकार का फोकस विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव इन रिलेशनशिप और महिलाओं के अधिकार जैसे मुद्दों पर एक समान कानून तैयार करने पर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी कह चुके हैं कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और इसी दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की कवायद ऐसे समय में तेज हुई है जब गुजरात पहले ही समान नागरिक संहिता बिल 2026 पारित कर चुका है। अब भाजपा शासित राज्यों में इसे लेकर राजनीतिक और कानूनी चर्चा भी बढ़ गई है।
सरकार की इस पहल को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। भाजपा इसे सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।