भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। राज्य सरकार के मुताबिक 2026-27 तक प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी (GSDP) बढ़कर करीब 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो राज्य की तेज आर्थिक प्रगति का संकेत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पेश किए गए बजट 2026-27 में सरकार ने विकास को केंद्र में रखते हुए कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी के चलते अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और आने वाले वर्षों में इसका असर और स्पष्ट दिखेगा।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट का आकार करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें महिलाओं, किसानों, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का दावा है कि यह बजट सिर्फ खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य को तेजी से विकास की दिशा में आगे ले जाने का रोडमैप है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है।
आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में विकास दर में सुधार हुआ है और प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि के साथ-साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी विस्तार हो रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
सरकार का फोकस बड़े निवेश, औद्योगिक विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास पर है। इसके अलावा आगामी वर्षों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों जैसे सिंहस्थ 2028 को भी ध्यान में रखते हुए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
मध्य प्रदेश का यह बजट ऐसे समय में आया है जब राज्य खुद को तेज आर्थिक विकास वाले राज्यों में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए निवेश, रोजगार और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर लगातार ध्यान देना होगा।
फिलहाल सरकार का दावा है कि 18.48 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य को नए आर्थिक स्तर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।