उज्जैन महाकाल मंदिर में गर्मी से राहत के लिए खास परंपरा शुरू, 11 कलशों से होगा जलाभिषेक

By : hashtagu, Last Updated : April 1, 2026 | 10:42 pm

उज्जैन (मध्य प्रदेश): श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga) मंदिर में गर्मी (summer) के मौसम में बाबा महाकाल (Lord Shiva) को शीतलता (cooling) प्रदान करने के लिए विशेष जलाभिषेक (jalabhishek) परंपरा शुरू की जा रही है। इस दौरान 11 कलशों (11 kalash) के माध्यम से रोजाना अभिषेक किया जाएगा।

मंदिर परंपरा के अनुसार यह विशेष अनुष्ठान वैशाख (Vaishakh) महीने से शुरू होकर ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) तक चलता है। इस दौरान भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया जाता है, जो दिनभर जारी रहता है।

जानकारी के मुताबिक, 11 अलग-अलग नदियों के प्रतीक रूप में कलश स्थापित किए जाते हैं, जिनसे शिवलिंग पर लगातार जल अर्पित किया जाता है। इसमें गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी, गोदावरी, सरस्वती सहित अन्य पवित्र नदियों का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव को गर्मी से बचाना और उन्हें शीतलता प्रदान करना है। मान्यता है कि भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर है, जहां हमेशा ठंडा वातावरण रहता है, इसलिए गर्मी के मौसम में विशेष रूप से ठंडे जल से अभिषेक किया जाता है।

मंदिर प्रशासन हर साल मौसम के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव करता है। गर्मी में जहां ठंडे जल और कलशों से अभिषेक किया जाता है, वहीं सर्दियों में गर्म जल से पूजन की परंपरा निभाई जाती है।

इस अनूठी परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

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