श्रीनगर: बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा कुल 57 दिनों की होगी। यात्रा (Yatra) में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं (Pilgrims) के लिए पंजीकरण (Registration) अनिवार्य है। साथ ही स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Health Certificate) और यात्रा अनुमति (Permit) के बिना किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अनुसार यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। देशभर की 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं के जरिए भी पंजीकरण कराया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। यात्रा के लिए पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है।
यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष तय की गई है। छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। सभी यात्रियों के लिए अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना जरूरी है।
श्रद्धालु अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो मार्गों का चयन कर सकते हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जो लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। दूसरा बालटाल मार्ग है, जो छोटा है लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला है। जिन श्रद्धालुओं को कम समय में यात्रा पूरी करनी है, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहेगी।
यात्रा के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को तय समय पर ही यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति होगी। विभिन्न सुरक्षा जांच, यातायात नियम और पहचान संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। प्रशासन ने यात्रियों से केवल अधिकृत पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर निकलने और मौसम व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ आने की अपील की है।