नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा के बाद भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा (Energy) और रक्षा (Defence) सहयोग को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी देते हुए बताया कि यूएई अब भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल (Crude Oil) स्टोर करेगा। इस कदम का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करना और भविष्य में तेल सप्लाई संकट से निपटने की तैयारी करना है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति बनी है। इनमें अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC की भारत के पेट्रोलियम रिजर्व में भागीदारी बढ़ाने का फैसला शामिल है। समझौते के तहत भारत में रणनीतिक गैस रिजर्व स्थापित करने और लंबे समय के लिए LPG सप्लाई एग्रीमेंट भी किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से भारत के कच्चे तेल भंडारण क्षमता में करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। अभी भारत के पास लगभग 5.3 मिलियन टन रणनीतिक तेल भंडार है। यूएई के इस निवेश से भारत को वैश्विक संकट, युद्ध या सप्लाई बाधित होने की स्थिति में बड़ी राहत मिल सकती है।
विक्रम मिस्री ने बताया कि यूएई की ओर से भारत में 5 अरब डॉलर के नए निवेश की भी घोषणा की गई है। इसमें Emirates NBD Bank का RBL Bank में निवेश, Abu Dhabi Investment Authority का National Infrastructure Investment Fund में निवेश और International Holding Company का भारतीय कंपनी Saman Capital में निवेश शामिल है।
भारत और यूएई ने रक्षा क्षेत्र में भी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाया है। दोनों देशों के बीच रक्षा निर्माण, तकनीक और उपकरणों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा Cochin Shipyard Limited और Dubai की Drydocks World के बीच भी समझौते हुए हैं। इसके तहत गुजरात के वाडीनार में शिप रिपेयर क्लस्टर और समुद्री कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा।
दोनों देशों ने एडवांस टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बड़ा कदम उठाया है। भारत में 8-exaflop सुपरकंप्यूटिंग सुविधा स्थापित करने के लिए टर्म शीट साइन की गई है। इससे भारत के AI मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। साथ ही भारत और यूएई के बीच वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर METRI को भी शुरू किया गया है, जिससे समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन में तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए यूएई के साथ भारत की एकजुटता दिखाई। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित समुद्री आवाजाही और जहाजों पर हमले रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।