नासिक: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services – TCS) के नासिक ऑफिस में सामने आए यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment), जबरन धर्म परिवर्तन (Forced Conversion) और शोषण (Exploitation) के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच (Investigation) में सामने आया है कि आरोपियों ने ऐसे कर्मचारियों को निशाना (Target) बनाया, जो आर्थिक रूप से कमजोर थे या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला एक संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा था, जिसमें ट्रेनिंग टीम और एचआर से जुड़े लोग शामिल थे। आरोप है कि नए कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और निजी हालात का आकलन कर उनकी कमजोरियों का फायदा उठाया जाता था और फिर उन्हें धीरे-धीरे अपने प्रभाव में लिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रेनिंग के दौरान कुछ धार्मिक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे कर्मचारी असहज हो जाते थे। इसके बाद एचआर से जुड़े लोग उनसे संपर्क कर भरोसा जीतने की कोशिश करते थे और धीरे-धीरे उनकी सोच और जीवनशैली पर असर डालने का दबाव बनाया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुछ कर्मचारियों के निजी जीवन पर भी असर पड़ा और परिवारों के साथ विवाद की स्थिति तक बन गई। पुलिस ने अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें कंपनी से जुड़े कुछ कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं।
जांच एजेंसियों को एक व्हाट्सएप ग्रुप के बारे में भी जानकारी मिली है, जिसमें टारगेट किए गए कर्मचारियों को लेकर चर्चा की जाती थी। इस ग्रुप में आंतरिक गतिविधियों और अन्य विषयों पर भी बातचीत होती थी।
मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन भी चलाया, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों को स्टाफ बनाकर ऑफिस में भेजा गया, ताकि सबूत जुटाए जा सकें।
फिलहाल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यौन शोषण समेत सभी आरोपों की गहराई से पड़ताल जारी है। यह मामला कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।