राज्यसभा में फिर विपक्ष के नेता बने मल्लिकार्जुन खड़गे, दोबारा मिली आधिकारिक मान्यता

मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा सदस्य के रूप में पिछला कार्यकाल 25 जून 2026 को समाप्त हो गया था। इसके साथ ही 26 जून से वह तकनीकी रूप से राज्यसभा में विपक्ष के नेता के पद पर नहीं रहे।

  • Written By:
  • Publish Date - June 29, 2026 / 03:52 PM IST

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को राज्यसभा में एक बार फिर आधिकारिक रूप से विपक्ष का नेता (Leader of Opposition) मान्यता दे दी गई है। राज्यसभा के सभापति (Chairman) ने उनके दोबारा राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें 26 जून 2026 से फिर से विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है।

मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा सदस्य के रूप में पिछला कार्यकाल 25 जून 2026 को समाप्त हो गया था। इसके साथ ही 26 जून से वह तकनीकी रूप से राज्यसभा में विपक्ष के नेता के पद पर नहीं रहे। हालांकि, दोबारा राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने सोमवार को राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन के कक्ष में सदस्य के रूप में शपथ ली। इसके बाद उन्हें फिर से विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दे दी गई।

राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि संसद में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के तहत मल्लिकार्जुन खड़गे को 26 जून 2026 से राज्यसभा में विपक्ष का नेता माना जाएगा। इस मान्यता के साथ उन्हें इस पद से जुड़े सभी अधिकार और सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।

मल्लिकार्जुन खड़गे वर्ष 2021 से राज्यसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हाल ही में उनके दोबारा उच्च सदन के लिए निर्वाचित होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें फिर से आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी गई।